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दुहाई



हमें पुकारते जाओ

हमें जगाते जाओ

ओ! महासागर में डूबने को पहुँची अंतिम लहर

ओ! महाशून्य में विलीन ही होने जा रही क्षितिज पर अंतिम किरण

ओ! अपने होने से

मनुष्य के फीके जीवन में छोड़ कर जा रहे नमकीन स्वाद

हमें पुकारते जाओ

हमें जगाते जाओ

हम जब गालियाँ दें फ़ब्तियाँ कसें

लाँछन लगाएँ तीखे व्यँग बाण छोड़ें

तुम्हारे प्राण लेने की जुगत करें

अपने होने की ख़बर न हो और तुम्हें हम दुसाध कहें

तब भी हमें छोड़कर न जाओ

तुम्हें कबीर की दुहाई है

हमें जगाते जाओ

हमें पुकारते जाओ

हम जब तुम्हारे मुँह पर थूक दें

तुम पर घोर व्यभिचारी का हत्यारे का आरोप मढ़ें

तुम्हारे ऊपर पैने नुकीले पत्थर फेंक तुम्हारा मस्तक लहूलुहान करें

तुम्हें विष दें

तुम पर चट्टानें सरकाएँ

पागल हाथी छोड़ें

तुम्हें बुद्ध की दुहाई है

तब भी तुम हम पर करुणा बरसाओ

हमें पुकारते जाओ

हमें जगाते जाओ

हम तुम्हें दुश्चरित्र कहें

कुलनाशी कहें

गली नुक्कड़ के लफ़ँगे

नचनिया कह हँसें ताना मारें

तुम्हें देशनिकाला दे दें

तुम भूखे बिलखो

कूड़े से बासी बीन बीन खाओ

तुम्हें मैया मीरा की दुहाई है

हमें जगाते जाओ

चाहो तो थोड़ी दूरी हम संक्रमित दुसाध्य रोगियों से रखो

पर हमें छोड़कर न जाओ

जगाते जाओ

जब हम तुम्हें तिल तिल काटें

अँग अँग छीनें

आँखें नोचें

तुम्हारी चमड़ी छील कर उतार लें

तुम्हारा उपहास करें

फिर भी तुम अपने ही रक्त से वजू करो

मुस्कुराओ

वहाँ भी बरसते पत्थरों के बीच जब तुम पर

हम में से कोई फूल फेंके

तो हमें जगाते जाओ

पुकारते जाओ

तुम्हें अलहिल्लाज मंसूर की दुहाई है

सब प्रमाण सब साक्ष्य जब हम तुम्हारे विपरीत जुटा लें

जब हम तुम्हें काल कोठरी में सड़ाएँ

जब हम तुम्हें चोरों के साथ सूली पर चढ़ाएँ

जब हम तुम्हारी प्यास पर तुम्हें नाबदान का पानी पिलाएँ

तुम पर कोड़ें लात जूतें बरसाएँ

जब सब तरफ़ से हम मिलकर तुम्हारी खिल्ली उड़ाएँ

तब भी तुम अपनी प्रार्थना में हमारी दुआ माँगो

तुम्हें ईसा की दुहाई है

हमें जगाते जाओ

पुकारते जाओ

ऐसे भी तो बहुत होंगे

जिनकी बोल न सकें इसलिए हमनें जीभें काट ली

जो जाने न जा सकें इसलिए उनकी देहें छीन ली

जो गुमनाम ही चले गए

पर हमें जगाने को अपनी करुणा तनिक भी न समेटी

उनकी उपस्थित करुणा से ही तो गाहे बगाहे प्रेम की जाग की

अलख जगती रहती है

तुम्हें उनकी भी दुहाई है

हमें हमारी घोर नींद में तुम्हारी पुकार से ख़लल पड़ता है

हम अपने महा तिमिर में तुम्हारे प्रकाश से तिलमिला कर

तुम्हें तो बुझाएँगे ही

फिर भी हमें जगाते जाओ

पुकारते जाओ

ओ! मानुस की अंतिम उम्मीद के

दीपक

हमें छोड़कर न जाओ

हमें जगाते जाओ

पुकारते जाओ

माना कि तुमसे आई करुणा सदा यहाँ रहेगी

फिर भी तुम्हारी देह देहरी है

हमारी आँख को इसे भेंटने दो

तुम्हें अब तक के सारे जाने अनजाने करुणामूर्ति की दुहाई है

हमें छोड़कर न जाओ

हमें जगाते जाओ

पुकारते जाओ

अज्ञात के पत्र

25 January 2023


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