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ध्यानशाला - अपने आड़े आप, सुबह का सत्र, 19 दिसंबर 2024
किसी का भी अनुकरण करना या करवाना, दोयम दर्जे का जीवन होता है। ज्यादा से ज्यादा हम साथ में चलते हुए सीखने की कीमिया को जीवन में अवसर दे...
Ashwin
Oct 3, 20252 min read


कछू नहीं पहचनियाँ - कबीर उलटबासी
संतन जात न पूछो निरगुनियाँ साध बाभन साध छत्तरी साधै जाती बनियाँ साधन माँ छत्तीस कौम है टेढ़ी तोर पुछनियाँ साधै नाऊ साधै धोबी साध जाति...

Dharmraj
Sep 15, 20256 min read


मुर्गी का उधार चुका देना - सप्ताहांत संवाद
सुकरात उन थोड़े से लोगों में एक हैं, जिनसे पूरी मनुष्य चेतना में नमक है। सुकरात ने मरने से पहले अपने मित्र को बुलाया और उससे कहा कि मैंने...

Dharmraj
Sep 4, 20255 min read


जो दीसै सो तो नाही है सो कहा न जाई - कबीर पद
कहै 'कबीर' सो पढ़ै न परलय जो दीसै सो तो नाही है सो कहा न जाई बिन देखै परतीत न आवै कहै न को पतियाना समझा होय तो शब्दै चीन्है अचरज होय...

Dharmraj
Dec 5, 202411 min read


वह जीना क्या है जो दो के खंडित धरातल से मुक्त है?
ध्यानशाला सुबह का सत्र, 19 नवंबर 2024 वह जीना क्या है जो दो के खंडित धरातल से मुक्त है? इसका उत्तर बुद्धि में नहीं आयेगा, पर जीवन में उतर...
Ashwin
Dec 4, 20244 min read


अनगढ़िया देवा कौन करे तेरी सेवा - कबीर उलटबासी
अनगढ़िया अनगढ़िया देवा, कौन करै तेरी सेवा। गढ़े देव को सब कोइ पूजै, नित ही लावै सेवा। पूरन ब्रह्म अखंडित स्वामी, ताको न जानै भेवा। दस...

Dharmraj
Dec 3, 20245 min read


खुद बदलाव बने (be the change) | सप्ताहंत संवाद
हमारे जीवन में भटकाव क्यों है? हज़ार खिज्र पैदा कर चुकी नस्ल आदम की, यह सब तस्लीम, आदमी फिर भी भटकता है। आख़िर क्या कारण है कि, इतना सही...
Ashwin
Dec 2, 20245 min read
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